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चुनाव के समय दाखिल किये गये शपथपत्र की प्रि

 

मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत विद्यालयों में टांकों का निर्माण होगा

विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा कक्षों के लिए 2.67 करोड़ रुपये स्वीकृत 
 10 अप्रैल, 2017. शिक्षा राज्यमंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत नरेगा के माध्यम से ऎसे विद्यालय जिनमें पर्याप्त स्थान है, वहां टांकों और रूफटॉप वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के निर्देंश दिए।  श्री देवनानी सोमवार को जयपुर जिला कलेक्टे्रट सभागार में जिला स्कूल सलाहकार समिति एवं निष्पादक समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा कक्षों के लिए 2.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। विद्युतीकरण से वंचित विद्यालयों को पं. दीनदयाल विद्युत योजना के तहत जोड़ा जाएगा।  शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उन्नयन के लिए जनप्रतिनिधी और अधिकारी मिलकर मिशन की भावना से अपना रचनात्मक योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलों में स्कूल सलाहकार समिति का गठन इस उद्देश्य से किया है कि इसके माध्यम से जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षाविद्, अभिभावक एवं स्कूली शिक्षा के विशेषज्ञ साथ-साथ कार्य करते हुए सरकारी विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने समिति सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रतिमाह कम-से-कम एक विद्यालय में जाए तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दें। 

शिक्षा राज्यमंत्री ने बैठक में ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देंश दिये कि वे अपने ब्लॉक के विद्यालयों में सुविधाओं के विकास के लिए लक्ष्य तय कर कार्य करें, साथ ही उन्होंने ब्लॉक स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठकों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने तथा शिक्षा विभाग के सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के निर्देंश दिये। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों के कार्यों का मूल्यांकन, बच्चों के परीक्षा परिणाम के आधार पर होगा।  जिला प्रमुख श्री मूलचन्द मीना ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए गए नवाचारों से स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता आई हैं तथा नामांकन में भी बढोतरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वे जब भी फील्ड में जाते हैं तो विद्यालयों का निरीक्षण करते हैं तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करते हैं। उन्होंने बैठक में आने के लिए शिक्षा राज्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  जिला कलक्टर श्री सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि जिले के विद्यालयों में महात्मा गाँधी नरेगा योजना के तहत सौ के लक्ष्य के विरूद्व 174 खेल मैदान स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिकारी सभी उत्कृष्ठ एवं आदर्श विद्यालयों में खेल मैदान विकसित करने के लिए सूची व प्रस्ताव भिजवाए, ताकि क्रमबद्ध तरीके से जिले के सभी विद्यालयों में खेल मैदान तैयार कराए जा सकें।  
बैठक में जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि 8वीं बोर्ड की परीक्षा में वर्ष 2016-17 में गत वर्ष की तुलना में विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस बार 5वीं बोर्ड की परीक्षा में भी करीब 44 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया है। प्रस्तुतिकरण में जानकारी दी गई कि आदर्श विद्यालय योजना के प्रथम और द्वितीय चरण में सभी विद्यालयों में विद्युतीकरण करते हुए कम्प्यूटर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।  बैठक में संसदीय सचिव श्री कैलाश वर्मा, विधायक श्री प्रेमचन्द बैरवा, जिला परिषद के सीईओ श्री आलोक रंजन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (उत्तर) श्री मोहम्मद अबूबक्र के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारीगण सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य, शिक्षाविद एवं स्कूली शिक्षा के विशेषज्ञ मौजूद रहें।

 

कुक कम हेल्पर का मानदेय बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं
 23 मार्च, 2017. शिक्षा राज्य मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि सरकार राज्य के विद्यालयों में कार्यरत कुक कम हेल्पर के मानदेय बढ़ाने के लिए प्रयासरत है तथा इस संबंध में एक पत्र केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री को भी विभाग द्वारा भिजवाया गया है।श्री देवनानी ने शून्यकाल में इस संबंध में उठाए गए मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि वर्तमान में राज्य में कुक कम हेल्पर को 1 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिल रहा है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण प्रदेश में 68 हजार 685 विद्यालयों, मदरसों में मिड डे मील योजना के तहत 52 .78 लाख विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि एक से 5 कक्षा के विद्यार्थियों को 100 ग्राम प्रति छात्र प्रतिदिन तथा 6 से 8 वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 150 ग्राम प्रति छात्र प्रतिदिन मिड डे मिल दिया जा रहा है।  उन्होंने बताया कि मिड डे मील योजना भारत सरकार की योजना है इसलिए कुक कम हेल्पर का मानदेय भी भारत सरकार ही तय करती है तथा इनके मानदेय में केन्द्र एवं राज्य का क्रमशः 6040 का अनुपात है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने स्वयं मानव संसाधन मंत्री से बात भी की तथा पत्र भी लिखा है।  श्री देवनानी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा इस वर्ष के बजट में कुक कम हेल्पर के मानदेय में 200 रुपये की वृद्धि की गई। उन्होंने आश्वस्त कि जैसे ही केन्द्र सरकार इनके मानदेय बढ़ाने का प्रावधान करेगी, राज्य सरकार द्वारा भी इनका मानदेय बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा। 

                                                                                                                                      

स्कूल व्याख्याता भर्ती की परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही होगा पदस्थापन -शिक्षा राज्यमंत्री 
 23 मार्च, 2017. शिक्षा राज्य मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को विधानसभा में स्कूल व्याख्याता भर्ती के विषय पर कार्मिक विभाग की परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही काउन्सलिंग कर पदस्थापन किया जाएगा। सरकार स्कूल व्याख्याता भर्ती के लिए संवेदनशील है। श्री देवनानी ने विधानसभा में इस सम्बन्ध में उठाए गए मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि कुल स्कूल व्याख्याताओं के 47 हजार 328 पद स्वीकृत है, जिसमें से 16 हजार 842 पद खाली है। जिसके आधार पर सरकार वर्ष 2015 में 13 हजार 98 पदों को विज्ञापित किया गया था। उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर, 2015 को राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा स्कूल व्याख्याता भर्ती की परीक्षा करवाई गई और 2016 में परीक्षा का परिणाम जारी किया गया था। शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि इन सब खाली पदों में 50 प्रतिशत डीपीसी द्वारा व 50 प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा भरे जाते हैं। 

 

नये नियमों के तहत विज्ञप्ति जारी कर की जाएगी अध्यापकों की भर्ती
 17 मार्च, 2017. शिक्षा राज्य मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि अध्यापकों की नियुक्ति के लिए नए नियमों के तहत विज्ञप्ति जारी की जाएगी। उन्होंने शून्यकाल में इस संबंध में उठाए गए मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित विद्यालयों में वर्ष 2012 में अध्यापकों की नियुक्ति पंचायतीराज अधिनियम के अन्तर्गत सम्बन्धित जिला परिषदों द्वारा किये जाने का प्रावधान था।  उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में पंचायतीराज विभाग द्वारा 41 हजार तृतीय श्रेणी अध्यापक पदों पर नियुक्ति की विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें जिला हनुमानगढ़ की उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 676 तथा श्रीगंगानगर की उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 741 पद विज्ञापित किये गए। इनमें से हनुमानगढ़ में 85 तथा श्रीगंगानगर में 136 पद कुल 221 तृतीय भाषा पंजाबी के लिए विज्ञापित किय गये। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 की पंजाबी विषय की अध्यापक भत्र्ती परीक्षा का मामला उच्च न्यायालय में गया। न्यायालय द्वारा तृतीय श्रेणी अध्यापक-लेवल प्प् पंजाबी विषय की भत्र्ती को अमान्य करते हुए एक विशेषज्ञ समिति बनाये जाने के निर्देश दिये गये। इस निर्णय के सम्बन्ध में पंचायतीराज विभाग द्वारा पंजाबी विषय की भत्र्ती परीक्षा, 2012 को निरस्त कर दिया गया।  उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम में संशोधन कर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक पद के चयन के लिए निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा राजस्थान को प्राधिकृत अधिकरण बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि भर्ती संबंधी पूर्व प्रावधान अथवा प्रक्रिया के स्थान पर नये नियमों का अन्तःस्थापन किया गया है और इसके अनुसार ही भर्ती प्रक्रिया की जाएगी। उन्होंने बताया कि नये नियमों के तहत नई विज्ञप्ति जारी की जाएगी और पुनः विधि विभाग से परीक्षण करवा कर नियमों केे अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। 

 

शिक्षा राज्यमंत्री ने किए लगभग एक करोड़ के कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण 
 4 मार्च, 2017. राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों से शैक्षिक क्रान्ति आयी है। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में निजी विद्यालयों के मुकाबले नामांकन बढ़ा है।  शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. देवनानी शनिवार को अजमेर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर में रमसा योजना अन्तर्गत 24 लाख 63 हजार के तीन कक्षा-कक्ष शिलान्यास, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामनगर में 32 लाख 27 हजार रूपए की लागत से निर्मित कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष एवं कम्प्यूटर कक्ष का लोकार्पण तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन में 32 लाख 84 हजार रूपए की लागत से बनने वाले नवीन कक्षा-कक्ष के शिलान्यास समारोह में मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे।  शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि नामांकन के मामलों में प्रदेश नम्बर वन पर है। सत्र 2016-17 में सरकारी विद्यालयों में 82 लाख छात्रों का नामांकन हुआ है। जबकि इसी दौरान निजी विद्यालयों में 78 लाख छात्रों का ही नामांकन हुआ है। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने का सभी शिक्षक संकल्प लें। इसके लिए घर-घर सम्पर्क करें। छात्रों एवं अभिभावकों से निरन्तर सम्पर्क मे ंरहे। ताकि यह नामांकन का आंकड़ा एक करोड़ से अधिक हो जाए।

उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छा शैक्षणिक वातावरण प्रदान करें ताकि परीक्षा परिणाम में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत परिणाम प्रत्येक विद्यालय का रहना चाहिए। इसके लिए शिक्षक विद्यालयों में अधिक समय देने की मानसिकता बनाए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष से पांचवी कक्षा में बोर्ड की परीक्षा होगी। वहीं आगामी वर्ष से तीसरी कक्षा में भी सामान्य परीक्षा के माध्यम से आगामी कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।  प्रो. देवनानी ने कहा कि सरकार विद्यालयों में कक्षा-कक्षों के साथ ही खेल मैदान, वॉटर हारवेस्टिंग, स्मार्ट क्लास, डिजीटल क्लास से शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही है। लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब शिक्षक विद्यालयों को संस्कारवान एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण प्रदान कर विद्यालयों को मॉडल के रूप में बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों की धीरे-धीरे काया पलट हो रही है। स्थितियों में सुधार हुआ है। फिर भी भामाशाहों के प्रयास से विद्यालय की स्थानीय आवश्यकताओं की पुर्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए दिया गया दान सदैव फलीभूत होता है। इसके लिए भामाशाहों को प्रेरित किया जाना चाहिए।  समारोह में अध्यक्षता नगर निगम के महापौर श्री धर्मेन्द्र गहलोत ने की जबकि विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष श्री अरविंद यादव थे। प्रारम्भ में विद्यालय प्रधान ने स्वागत करते हुए विद्यालय की गतिविधियों को बताया। इस मौके पर शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं भामाशाह उपस्थित थे।

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